प्रेम पत्र : प्रेम कहानी

एक लड़का कई सालों से लाइलाज़ कैंसर से जूझ रहा था. बीमारी के कारण वह अपना अधिकांश समय घर पर ही गुज़ारा करता था.

एक दिन उसने अपनी माँ से कहा, “माँ, मैं घर में रहते-रहते ऊब चुका हूँ. कुछ देर के लिए बाहर जाना चाहता हूँ.”

माँ ने उसे बाहर जाने की अनुमति दे दी. वह बाहर निकला और आस-पास की गलियों में घूमने लगा.

घूमते-घूमते वह एक सीडी स्टोर (CD Store) के सामने से गुजरा. वहाँ से गुजरते हुए उसकी नज़र सीडी स्टोर (CD Store) के अंदर खड़ी एक अपनी ही हमउम्र लड़की पर पड़ी. उसे देखकर वह मंत्रमुग्ध हो गया. उसके कदम ठिठक गए.

कुछ देर तक वहीं खड़ा हो वह उसे देखता रहा. फिर हिम्मत जुटाकर सीडी स्टोर के अंदर चला गया. स्टोर के विभिन्न शेल्फों का मुआयना करने के बाद वह उस लड़की की डेस्क पर पहुँचा और खड़ा हो गया.

“मैं आपकी क्या मदद कर सकती हूँ.” लड़की ने मुस्कुराते हुए पूछा. यह दुनिया की सबसे खूबसूरत और प्यारी मुस्कान थी, जो वह लड़का देखा रहा था.

हिचकिचाते हुए उसने जवाब दिया, “ओ…हाँ…वो….मुझे एक सीडी खरीदनी है.” पास की शेल्फ से एक सीडी उठाकर उसने डेस्क पर रख दी.

लड़की ने उसे उसकी कीमत बताई और पूछा, “क्या मैं इसे एक पेपर में लपेट कर दे दूं.”

लड़के ने हामी भर दी. लड़की दूसरी डेस्क पर चली गई और कुछ देर में कागज में लपेट कर सीडी वापस ले आई. लड़के ने पैसे दिए और वापस घर आ गया.
उस दिन के बाद से वह हर रोज़ सीडी खरीदने के बहाने उस सीडी स्टोर में जाने लगा. वह बस उस लड़की की एक झलक देखना चाहता था. उससे कुछ देर बातें करना चाहता था. रोज़ वह एक सीडी खरीदता और घर वापस आकर उसे अपनी स्टडी टेबल पर रख दिया करता था.

धीरे-धीरे उस लड़की के प्रति उसकी चाहत बढ़ने लगी. वह अपने दिल की बात उससे कहना चाहता था, लेकिन शर्मीलेपन के कारण लफ्ज़ उसकी ज़ुबान तक नहीं आ पाते थे.

माँ उसके दिल की बात भांप गई थी. पूछने पर लड़के ने सारी बात अपनी माँ को बता दी. माँ ने उसे सलाह दी कि वह आज अपने दिल की बात उस लड़की को कह दे.

लड़के ने बड़ी हिम्मत जुटाई और शाम को सीडी स्टोर पहुँचा. लेकिन लड़की के सामने पहुँचकर वह फिर सहम गया. जब उसकी खरीदी हुई सीडी कागज में लपेटने के लिए लड़की दूसरी डेस्क पर गई, तब उसने जल्दी से एक कागज में अपना फोन नंबर लिख दिया. लड़की वापस आकर जब उसे सीडी देने लगी, तो नज़र बचाकर उसने वह कागज उसकी डेस्क पर रख दिया. फिर तेजी से वह वहाँ से बाहर निकल गया.

दूसरे दिन लड़का सीडी स्टोर में नहीं आया. लड़की को भी उसकी आदत हो गई थी. काफी देर इंतजार करने के बाद भी जब वह नहीं आया, तो उसने उसके दिए फ़ोन नंबर पर कॉल किया.

कॉल लड़के की माँ रिसीव किया. लड़के के बारे में पूछने पर माँ जोर-जोर से रोने लगी और बोली, ‘पिछली शाम को वो चल बसा. उसे कैंसर था.”

सुनकर लड़की की ऑंखें डबडबा गई. उसने तुरंत माँ से उनके घर का पता पूछा और वहाँ पहुँच गई. माँ उसे अपने बेटे के कमरे में लेकर गई.

कमरे में उसने देखा कि उसके CD स्टोर से खरीदी हुई सारी CD’s लड़के की स्टडी टेबल पर वैसी ही रखी हुई थी, जैसी खरीदी गई थी. कोई भी CD खुली नहीं थी.

लड़की उस कमरे में बैठकर बहुत रोई. वह भी उस लड़के को बहुत प्यार करती थी. अपने दिल की बात उस तक पहुँचाने के लिए वह रोज़ कागज़ में लपेटकर अपने लव लेटर्स उस CD पैक में रखती थी, जो उस लड़के ने कभी खोले ही नहीं.

         

Share: