फेसबुक का प्यार

“आजकल प्यार कोई जज्बात कोई खूबसूरत अहसास नहीं, बल्कि गुड्डे-गुड़ियों के साथ खेलकर मन बहलाकर दूसरे खिलौनों की तरफ आकर्षित होने वाले खेल के जैसा बन गया है। और ऐसे में फेसबुक का प्यार तो आँखों में पट्टी बांधकर लुका-छिपी के खेल खेलने जैसा हो गया है” ।
मानवी बहुत मासूम सी और बस अपने करियर पर ध्यान देने वाली लड़की थी, दुनियांदारी में क्या चल रहा है और आजकल लोगों की फितरत कैसी-कैसी है, इन सारी बातों से परे मानवी अपनी बस एक सीधी-सादी जिंदगी जी रही थी, मानवी ज्यादा किसी से बात भी नहीं करती थी तो उसके दोस्त भी न के बराबर थे। मानवी जब १९ वर्ष की हुई तो उसके जन्मदिन पर उसके पापाजी उसे एक मोबाइल तोहफे में देते हैं, मानवी ये तोहफा पाकर बहुत खुश होती है, मानवी की एक दोस्त फेसबुक पर मानवी का अकाउंट बनाती है, पहले तो मानवी को ये सब पसंद नहीं आता, फेसबुक पर बहुत से अंजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट आती है मानवी हर बार डिलीट कर देती, मगर धीरे-धीरे मानवी की दिलचस्पी फेसबुक पर दोस्त बनाने और उनसे चैटिंग करने में बढ़ती जाती है, इस बीच मानवी को एक लड़का ( राहुल नाम का) फेसबुक पर प्रपोज करता है, प्रोफाइल फोटो में देखने में राहुल कोई खास स्मार्ट नहीं लगता मगर वो मानवी को अपने साथ लवशिप में लाने के लिए ऐसी मीठी-मीठी प्यार भरी बातें करता है कि मानवी राहुल की कोई भी सच्चाई जाने बिना अपना दिल हार बैठती है। मानवी को जिंदगी में पहली बार प्यार का इतना खूबसूरत अहसास होता है इसलिए मानवी राहुल के मामले में हर बात दिल से सोचती, मानवी ने कभी दीमाग में ये बात नहीं सोची कि राहुल प्यार के नाम पर उसके साथ एक बहुत बड़ा फरेब कर रहा है। राहुल अपनी बातों से मानवी को अपने इतने करीब लाने की कोशिश में रहता कि मानवी कभी भी उससे दूर न जा सके। ६ महीने की लवशिप के बाद पहली बार मानवी व राहुल बिना किसी को बताये एक-दूसरे से मिलता हैं, मानवी बहुत खुश होती है राहुल से मिलकर, वो दोनों एक-दूसरे के बहुत करीब आ जाते हैं, राहुल मानवी से बहुत जल्दी शादी करने का वादा करके वापस चला जाता है। दोनों के बीच प्यार का सिलसिला चलता रहता है, इस बीच एक दिन राहुल का एक दोस्त मानवी को राहुल के शादीशुदा होने और उसका एक साल का बच्चा होने की बात बताता है, इतनी बड़ी बात सुनकर मानवी को झटका तो लगता है मगर वो इस बात को मानने से बिल्कुल इंकार कर देती है क्योंकि उसको लगता है कि वो राहुल और उसको अलग करने के लिए ऐसा झूठ बोल रहा है, मगर फिर भी मानवी के मन में एक शक सा पनपने लगता है क्योंकि अब राहुल का व्यवहार मानवी के प्रति बदलने लगा, राहुल बात-बात पर मानवी पर गुस्सा करने लगा और मानवी से बहुत कम बात करता, मानवी राहुल की इस बेरूखी से टूटने लगती है, वो राहुल को हद से ज्यादा प्यार करने लगी थी और राहुल को खुद से दूर जाते हुए बर्दाश्त नहीं कर पाती और आत्महत्या करने की कोशिश करती है, मानवी के पापाजी मानवी को अस्पताल ले जाते हैं, समय रहते डॉ. मानवी को बचा लेते हैं, मानवी के हाथ पर राहुल का नाम लिखा होता है जिसे देख कर पापाजी बड़े प्यार से मानवी को समझाते हुए राहुल के बारे में पूछते हैं, मानवी सिसकियां भरते हुए अपने और राहुल के बारे में सबकुछ बताते हुए कहती है मैं राहुल के बिना नहीं जी सकती,,, अपनी मासूम सी बेटी को प्यार के इस दर्द में तड़पते देख उनका दिल भी रो पड़ता है, वो अपनी बेटी को बड़े प्यार से समझाते हुए राहुल से ही उसकी शादी कराने का वादा करते हैं, मानवी के आँसू पोछते हुए कहते हैं, मैं खुद तुम्हारा रिश्ता लेकर राहुल के परिवार वालों से मिलने जाऊंगा मगर इससे पहले तुम फोन पर तो राहुल से मेरी बात करवाओ। मानवी थोड़ा घबरा जाती है कि पता नहीं राहुल उसका कॉल रिसीव करेगा या नहीं क्योंकि कई दिनों से राहुल ने उससे बात नहीं की थी, इसलिए वो पापाजी के मोबाइल से ही राहुल को कॉल लगाकर पापाजी को दे देती है, उधर से कॉल रिसीव होने पर एक औरत की आवाज सुनाई देती है, तो पापाजी कहते हैं, क्या मैं राहुल से बात कर सकता हूँ? जी अभी वो सो रहे हैं, आपको उनको कोई मैसेज देना हो तो मुझे बताइये मैं उनको बता दूंगी, उस औरत की बात से पापाजी को कुछ संशय होता है, जी जरूर मगर पहले क्या मैं ये जान सकता हूँ कि आप राहुल की कौन हो? जी मैं राहुल की पत्नी सुनीता । बस इतना सुनते ही उनके पैरों तले जमीन खिसक जाती है, प्यार के इतने बड़े फरेब के दलदल से वो अपनी बेटी को कैसे निकालेंगे ये सोचकर ही वो सिहर जाते हैं, पापाजी को इतना परेशान देख मानवी डर जाती है, बहुत ही हिम्मत से ये सच वो मानवी को बताते हुए कहते हैं, जो फरेब तुम्हारे साथ हुआ है उसके लिए तुम्हें अपनी जिंदगी खत्म करने का सोचना भी नहीं है, बेटा तुम इतनी भी मासूम मत बनो कि कोई भी आकर तुम्हारी मासूमियत ही छीन ले, बल्कि अब तुम इस बात की कोशिश करो कि जो तुम्हारे साथ हुआ है वैसे कोई और लड़की राहुल जैसे फरेबी शख्स की शिकार न हो, बेटा तुम्हारी जिंदगी का ये एक बहुत बुरा हादसा है और इससे अब तुम्हें एक सबक लेना है न कि अपनी जिंदगी को खत्म करना। मानवी की बात का बहुत बड़ा असर मानवी पर होता है जिस प्यार के लिए वो अपनी जान दे रही थी अब उसी से उसने जिंदगी का बहुत बड़ा सबक ले लिया।

         

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