कहमुखरी

आवे जावे मन बहलावे।
जो जो पूछो बात बतावे।
दूरन से वो लागे अपना।
ऐ सखि साजन?ना सखि सपना।

छैल छबीला वो हो जावे।
मदमस्त चाल से वो रिझावे।
साथ कभी उसने नहिं छोड़ा।
ऐ सखि साजन?ना सखि घोडा।

बिन उसके कुछ भी न होवे।
दिन रात की निदियां खोवे।
नहि कोई भी उसका सानी
ऐ सखि साजन? न सखि पानी।

मुझको उसकी याद सताती।
सबसे अपनी बात छुपाती।
घर आता तब खुशियाँ लाता।
ऐ सखि साजन?न सखि छाता।

पल पल अपनी याद दिलाता।
हर मौसम हि मुझको रिझाता।
वो मेरा आँखों का प्यारा
ऐ सखि साजन? न सखि तारा ।

         

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