गीत

  1. आ कहीं दूर चले जाएं हम, तेरी बाहों में सिमट जाए हम, आ कहीं…. है सिर्फ अंधेरा जिंदगी में सनम तेरी राह के उजाले पाए हम आ… ठोकर दे जिंदगी कभी हमको, तेरी बाहों से संभल जाए हम आ.. जो कभी छाये मेरे मन में गम तेरे दामन से खुशी पाएं हम आ… सफर है मेरा काटों से भरा, तेरी राहों में फूल ही पाएं हम। आ.. ©सखी
         

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