रिश्ते

आखिर क्यूँ……कुछ रिश्ते वस्त्र की तरह होते हैं,
जिन्हें जब चाहे… उतार फेंका जा सकता है!!
क्यूँ कुछ रिश्ते.. इतने भारी होते हैं कि….
आत्मा पर उन का वजन सहन नहीं होता।।।।
क्यूँ कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं…जो दिखावे में नजदीकी लगते हैं
पर उनके बीच…. फासले…., असीमित, अनंत हैं!!
क्यूँ कुछ रिश्ते.. ऊपर से प्यार भरे दिखते हैं
जबकि उनके बीच.. नफरत की गहरी खाई है!!
उफ्फ…..ये अजीब से कशमकश वाले रिश्ते
काश… ऐसे रिश्तों से वास्ता ना होता
तो——जिंदगी कुछ आसान सी हो जाती!!!
काश…… काश…… काश…….
——-अर्चना ——

         

Share: