समय चला है

समय चला है समय से आगे ।
सांझ निशा को भोर से मांगे ।
गहन निशा अंधियारे गढ़कर,
उजियारे उजियारो से मांगे ।

समय चला है समय से आगे ।

बीत रहा है समय समय से ,
सीमा समय समय से मांगे ।
दीप्त फूट चली दिनकर से ,
उजियारे दिनकर से मांगे ।

समय चला है समय से आगे ।

रुककर भी रुका नही ज़ीवन ,
प्रेरणा ज़ीवन ज़ीवन से मांगे ।
अंत नही है यह एक ज़ीवन ,
ज़ीवन भी है ज़ीवन से आगे ।

समय चला है समय से आगे ।

…. विवेक दुबे”निश्चल”@…
Blog post 27/5/18

         

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