सम्पूर्ण

भावपूर्ण अतुकांत कविता

मैने सोचा !-
हम कहाँ थे?
हुआ समाप्त एक अध्याय।

मैने फिर सोचा!-
हम कहाँ हैं?
समाप्त हुई दूसरी अवस्था।

मैने फिर सोचा!-
हम कहाँ होंगे?
सम्पूर्ण हुआ जीवन।।

नाम- कृष्ण कान्त तिवारी “दरौनी”

         

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