आर• सी• एम•

आर सी एम ……!!!
जीवन जीने का सलीखा …..
घुल गया जो..
जीवन पथ में तो….यक़ीनन..
तुम्हारी सांसो को महका देगा….
आर सी एम …
तुम्हे बढ़ना सीखा देगा…..!

थाम लेगा तुम्हारे हाथ हर बार…..
तुम्हे दुनिया को जीतना सीखा देगा……
इक बार चला जो..
तुम्हारे साथ…….यक़ीनन..
तुम्हारी राहो को आसान बना देगा…..
आर सी एम …
तुम्हे जीवन पथ पर
बढ़ने के आयाम देगा…..!

तुम्हे डर है….
आसमान की उच्चाईयों से,
तुम्हे डर है….
समंदर की गहराइयों से,
इक बार मुझे…..
तुम खुद में..
शामिल तो करो….यक़ीनन…
डर सारे दिल के मिटा देगा…….
आर सी एम ……
संघर्ष पथ पर हर्ष के
आयाम देगा…..!

कभी जो तनहाइयाँ तुम्हे घेरेंगी……
गले से तुम्हे लगा लेगा…..
होटों पर मुझको..
सजा लेना…..यक़ीनन..
उदासियो में चुपके से
मुस्कराना सीखा देगा….
आर सी एम ..
तुम्हे जीना सीखा देगा….!

कभी जो उलझनों में उलझे तो..
मुश्किलो से लड़ना सीखा देगा….
दोस्त बना लो..
तुम जो मुझे….यक़ीनन..
दुश्मनो को भी दोस्त बना देगा….
आर सी एम …..
तुम्हे संघर्ष पथ पर
चलने की राह देगा….
आर सी एम …….!!!
जीवन जीने का सलीखा …..
घुल गया जो..
तुम्हारे जीवन पथ में तो….यक़ीनन..
तुम्हारी सांसो को महका देगा….

कपिल जैन

         

Share: