प्यार, विश्वास और दुआओं का एक अभेद कवच

मक्कारी और फ़रेब की
तेरी दुनिया में
अब बेझिझक विचरती हूँ,
है जो मेरे पास अब
प्यार, विश्वास और दुआओं का एक
अभेद कवच
घेरे रहता है जो मुझे हमेशा
और मैं
तेरे रचे षड्यंत्री चक्रव्यूह से
जीवित बाहर आ जाती हूँ
बन अर्जुन

         

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