श्मशान

 

जिंदगी की कटु सच्चाई मौत
और.. अन्तिम ठिकाना श्मशान है
फिर भी ये इंसान क्यों इतना
हैरान परेशान है

दिन रात लगा रहता जुगाड़ में
किस तरह धन कमाना है
जानते हुए भी कि…….
अन्त समय खाली हाथ जाना है

भूला माँ बाबा…. घर परिवार
लोगों का दिल दुखाया
जानते हुए कि अन्त समय
अच्छी बोली.. अच्छा व्यवहार काम आना है

कुछ तो कर ऐसा बंदे
लोग मरने के बाद भी याद करें तुझे
सुन…… श्मशान में तुझको नहीं
तेरे कर्मों को जाना है
तेरे… कर्मों को जाना है।।।।
___अर्चना, भीलवाड़ा, राजस्थान ___

         

Share: