स्वागत है नववर्ष तुम्हारा

*नव वर्ष*

*स्वागत है नव वर्ष तुम्हारा ।*
*स्वीकारो तुम नमन हमारा ।।*

विश्व-व्योम में शांति दीप
नव वर्ष जला देना तुम
प्रेम सुधा की वर्षा से
वसुधा को नहलाना तुम ।।
क्षमा दया की मधु वर्षा से
सिंचित करना जग को
मानव, मानव बन जीये
मन्त्र सिखाना सबको।।

वसुधा माता सबकी माता
सबकी गोद है प्यारी
सुमन सुफल से सुरभित शोभित
सुंदर यह फुल वारी ।।

पंकज मुख मधुमय अति सुंदर
मधुप हेतु विकसित है
मधुर मधुर गायन करता
मधुकर कूल से गुंजित ।।

करना है विस्तार तुम्हें तो
करो हृदय विस्तार
करुणा से ही हो सकता है
संस्कृति का उपकार ।।

सीमित होना सीख गया है
मानव का संसार
बन्दमुक्त कर दो चिंतन को
दो ऐसा उपहार ।।

*स्वागत है नववर्ष तुम्हारा*
*स्वीकारो तुम नमन हमारा*

(नाना जी को समर्पित)

         

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