हीर

||यूँ ही मलंग ना हुआ होगा रांझणा||
||इश्क़ फकीरी कर..तुझे हीर मिलेगी||

💖
ना रे
ना पढ़ी जाएगी
हीर …!!!!

जो मैं कहूँ
हीर न पढ़ पाऊँगी
तो मेरी
ये बात पर तंज न होना
बहुत
ताब है हीर में
हीर की रूह में
नहीं जानती हीर की गहराई
नहीं जानती हीर की परछाई
💝
क्या खूब सा था
हीर में
जो मन रांझणा हुआ
क्या ग़जब सा था
हीर में
जो मन साजणा हुआ
❣️
ना
ना पढ़ पाऊँगी
हीर
ना ही बन पाऊँगी
हीर
मन फिर भी उस मन को
अपनी ऒर मोड़ेगा
हीर … हीरे की आब सी
कैसे कोई
उसका ताप छोड़ेगा !!

पर मैं
नादान … शायद
नासमझ ही रह जाऊँगी
हीर खुद
बन जाये मेरी रूह
तब भी
कहाँ उसे जान पाऊँगी
💓
ना रे … ना कह
ये बात
ना है सामर्थ्य मेरा
ना ही मुझमें वो आग
हीर
पढ़ने को
हीर सा होना पड़ेगा
हीर
समझने को
हीर में खोना पड़ेगा
हीर
सुनने को
हीर सा निभाना पड़ेगा
💘
……. नहीं.. नहीं !!!
इतना धीरज मुझमें कहाँ
इतना गाम्भीर्य मुझमें कहाँ
बहुत
तपस्या लगेगी
बहुत
साधना लगेगी
गुमान त्यागना होगा
वैराग्य धारना होगा

हीर
यूँ न मिलेगी
फ़कीरी
यूँ न मिलेगी
मेरी जिस्त को चाह बहुत है
मेरी देह को राग बहुत है
💞
हर उम्र
रहेगी तमन्ना
हर उम्र
ये बात खलेगी
मैं पढ़ना
चाहूँ ….. तब भी
मैं सुनना
चाहूँ …. तब भी
ये हीर मुझे न मिलेगी

#मन_करना_ऐसी_फ़कीरी
तुझे ….. #हीर_से_हीर_मिलेगी !!

💫दीप💫

         

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