अपना खून पिला कर

माँ
अपना खून पिला कर
जीवन का आधार दिया।

अपना दूध पिला कर
जीवन का आहार दिया।

अपनी आँचल की छाँव में
एक सुखी संसार दिया।

अपने बच्चों के खातिर
अपना सब कुछ वार दिया।

प्यार से भी बढ़कर तुमने
बच्चों को है प्यार दिया।

खुद आँसू पी कर भी
बच्चों को दुलार दिया।

नि:स्वार्थ प्रेम की गंगा
हम सब को उपहार दिया।

कोटि कोटि नमन तुम्हे माँ
जीवन तुमने निखार दिया।।

🙏🌹🙏🙏🌹🙏🌹🌹🙏

©अंशु कुमारी

         

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