कसूर दिल का

कसूर मेरे दिल का है,जो तुझसें प्यार कर बैठा।
नही कुछ दोष तेरा हैं,जो तुझसें प्यार कर बैठा।।

यें पागल दिल नहीं लगता,कही भी अब बिना तेरें।
बताऊॅ मैं तुम्हें कैसें,मेरा क्या हाॅल कर बैठा।।
……कसूर मेरे दिल का है,जो तुझसें प्यार कर बैठा।……

अगर तुम ना मिली मुझकों,कभी मैं जी ना पाऊॅगा।
बहुत समझाया इस दिल कों,यें फिर भी दिल लगा बैठा।।

यें जीवन बिन तेरें कैसें,बताओं मैं गुजारूँगा।
मुझें पागल बना डाला, जो तुझसें प्यार कर बैठा।

……कसूर मेरे दिल का है,जो तुझसें प्यार कर बैठा।
नही कुछ दोष तेरा हैं,जो तुझसें प्यार कर बैठा।……..

         

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