क्यों तुम याद आती हो

क्यो तुम याद आती हो
जब बरसते हैं बादल
धमक ढ़ुमक नभ बाजते वादन
क्यों तुम याद आती हो
जब होतीं अकेली
लगती अनबुझ पहेली
क्यो तुम याद आती हो
जब टिमटिमाटे है तारे
खिलते उपवन सारे
महकती हैं फिजॉए

क्यो तुम याद आती हो
जहॉ होतीं राहे अनजानी
नयनों से गिरते जब पानी
बहुत याद आती हो
क्यो तुम याद आती हो

         

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