तुम्हारा साथ

एक कॉफी का कप और इक तुम्हारा साथ
तुम्हारी खुशबू जैसे महकता हुआ गुलाब
ना परियों की तमन्ना, ना महलों के ख्वाब
बस ऐसी छोटी, छोटी हैं मेरी ख्वाहिशात
एक कॉफी का कप और इक तुम्हारा साथ

         

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