प्रेम_क्या_____है ?

#दिन-सोमवार
#विधा-कविता
प्रेम_क्या_____है ?
प्रेम रूप त्याग है राधा,प्रेम भाव भक्ति है मीरा।
प्रेम भरे पत्थर में आशा,जननी प्रेम की परिभाषा।
प्रेम अक्षय असीम अपार है,यह परिवेश और परिवार है।
ईश्वर का मानव जाति को,दिव्य अनंत उपहार है।
प्रेम क्रंदन है आलंबन है,यह सुमिरन है, यह नर्तन है।
आए न समझ जो हर किसी को,नीलम यह ऐसा व्याकरण है।

नीलम शर्मा

         

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