ख्वाब —तुम्हे समझाएं क्या

#ख्वाब……तुझे समझाएं क्या ________

चले इस कदर साथ
कि चल ही न सके
लाख पाला ऐ ख्वाब तुम्हे
दिल में पर तुम
खुद पल ही न सके
नहीं आता तुम्हे खुद
अपने ही सखाओं में रहना
दर्द और दुःख हतासा में बहना
पलना हैं अगर ख्वाब दिल में तुमको
तो झमेले ये सब सहने होंगे
कुछ छोटे बड़े समझौते
तो करने होंगे
ये ज़िन्दगी सबकी है
आसान कहाँ …
सबके अपने अरमान कहाँ
जीने के लिए जीते हैं
कुछ लोग पर असली उनमे जान कहाँ
अब ख्वाब तू सोच ले
न चल सकेगा साथ
अपनी राह देख ले …..
———-@#मधूलिका

         

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