ज्ञान प्रदायिनी

शिक्षा ज्ञान प्रदायिनी , सरस्वती हे मात |
बुद्धिहीन खल पर करो , विद्या की बरसात ||
विद्या की बरसात , कीजिये कुछ बन पाऊँ |
विविध छंद मैं सीख ,जगत में नाम कमाऊँ ||
कह ‘तुरंत ‘ कविराय , मांगनी पड़े न भिक्षा |
मुझको दें वरदान , ग्रहण कर लूँ कुछ शिक्षा ||
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गिरधारी सिंह गहलोत ‘तुरंत ‘ बीकानेरी |

         

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