तरुणी मीत

राम जपन की उम्र में,पढ़े प्रेम के गीत
साठ वर्ष की उम्र में,चाहे तरुणी मीत ।।
चाहे तरुणी मीत हुआ क्या इनको भाई
कामुकता का मोह इन्हें किस मोड़ पे लाई ।।
कह स्वरा कविराय,करो न अपना पतन
प्रेम मोह का त्याग कर लो राम जपन ।।

स्वराक्षी स्वरा

         

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