रामचरित का पाठ

मानव जो करता सदा,रामचरित का पाठ
फिर नही यमराज उसे,लाठी मारे साठ ।।
लाठी मारे साठ, नही हो यम का फेरा
धरती से जब जाय, स्वर्ग ही बने बसेरा ।।
बात स्वरा की मान ,बनो मत गर्वित दानव
रामचरित का ध्यान,लगाकर बन जा मानव ।।

         

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