मुझको मेरे बाद ज़माना…..

” अपनी कलम से ……..”

*मुझको मेरे बाद जमाना….*

हमेशा दुनिया में किसको है रहना
हो सके तो जहां में सार्थक करना

हो सकता है कल पत्थर बरसाए दुनियां
घबरा कर अपनी राह न तुम बदल ना

भला बुरा कहेंगे यह लोग तुझे
बाद तेरे तुझे ढूंढेगा ये जमाना

भुला देंगे तुझे यह तेरे ही अपने
गैरों के दिलों में रहेगा तेरा फसाना

कुछ लोग नाखुश रहते हैं मेरे काम से
परवाह नहीं क्या कहेगा मुझे जमाना

काम कुछ ऐसा कर जाओ जगत में
दुनिया को दे जाओ बेहतरीन नजराना

तरक्की मेरे मुल्क की होगी तभी नीरज
चलता रहे बेटियों का पढ़ना पढ़ाना

” नीरज सिंह ”
टनकपुर

         

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