आवाज दिल की

सूखे पेड़ो मे कहाॅ फूल खिला करते है।
वो तो कलियो के बहारो मे,मिला करते है।।

*यू मेरे दिल कि धड़कनो मे वो बसने वाले।
आ के तू देख यहाॅ,कैसे जिया करते है।

*याद आते है तेरे साथ के,हर लम्हे मगर।
गुजरे हुये पल वो कहाॅ,फिर से मिला करते है।।

*भूल जाने की लाॅख कोशिसे की,तुझको मगर।
साॅस लेना भी भला कोई भूला करते है।।

मेरे दिल को बना कोरा कागज।
“कगज दिल”समझ के रोज लिखा करते है।।

सूखे पेड़ो मे कहाॅ फूल खिला करते है।
वो तो कलियो के बहारो मे,मिला करते है।।..

         

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