अब ख़यालों में तुम मेरे आने लगे

गीत

अब ख़यालों में तुम मेरे आने लगे,
दिल की दुनिया को मेरी सजाने लगे।
मेरी आँखों में तुम मेरी सांसों में तुम,
छुप के मुझको मुझी से चुराने लगे।।

कैसे सपने निगाहों में सजने लगे,
ग़ैर होके भी तुम मुझको अपने लगे।
जैसे लेकर के मौसम बहार आ गए,
खूबसूरत समां तुम बनाने लगे।

ज़िन्दगी रूठ कर जब ये जाने लगी,
ग़म की महफ़िल में मुझको बिठाने लगी।
थाम कर हाथ तुमने ये क्या कर दिया,
रूठ कर दर्द मुझसे ये जाने लगे।।

तुमसे पहले तो दुनिया बेगानी लगी,
जैसे कोई अधूरी कहानी लगी।
प्यार अपना जो तुमने मुझे लिख दिया,
पूरी करने मेरी तुम कहानी लगे।।

उषा पाण्डेय

         

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