आएंगे होली पे घर मेरे साजन

एक गीत सादर होली पर
श्रृंगार रस

उड़ता गुलाल देखो,प्रीत के आंगन
आएंगे होली पर घर मेरे साजन ।।

गोरे बदन पे जब रंग मलेंगे
उफ़! मदहोशी कैसे सहेंगे ।

चुम के मुखड़ा कर देंगे चानन
आएंगे होली,,,

बेला गुलाब से सेज़ सज़ा कर
धन्य होगी तरुणाई, नेह लगा कर
प्रेम से पूर्ण होता स्वरा सबका जीवन
आएंगे होली,,,,,

स्वराक्षी स्वरा ।।

         

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