कोई अनजाना कर लेता

कोई अनजाना कर लेता
पूरे जीवन पर अधिकार |
लेकिन फिर भी खुशियां देता
सचमुच पहला पहला प्यार |
***
एक अजनबी आकर दिल की
गलियों में बस जाता है |
लाख हटाना चाहे कोई
ध्यान नहीं हट पाता है |
थोड़ी कोशिश कर के कोई
अगर हटा दे सुधियों से,
फिर से आकर वह सपनों के
आँगन में मुस्काता है |
बेचैनी घबराहट से भी
दिल हो सकता है बेज़ार |
***
लेकिन फिर भी खुशियां ………
***
उसको पा लूँ केवल दिल में
यह अभिलाषा छाती है |
सुबह दोपहर शाम रात को
उसकी याद सताती है |
सखी सहेली मित्र सभी से
हँसी ठिठोली भूल सदा,
पहलु बदले या बिस्तर पर
करवट बदली जाती है |
एक झलक जो मिले कभी तो
आशा का होता संचार |
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लेकिन फिर भी खुशियां………
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मज़ा वही ले सकते इसका
जिसने भोगे हैं ये पल |
भाग्य हीन होते वे जिनकी
प्यार ज़िंदगी से ओझल |
करो यत्न तो मिल सकता है
तुम्हे प्यार का स्वर्ण सदा
हार मान ली उसे मिलेगा
सिर्फ निराशा का पीतल |
सावधान ! यह भी है संभव
दिल के टुकड़े हों दो चार |
***
लेकिन फिर भी खुशियां ………
***
गिरधारी सिंह गहलोत ‘तुरंत’ बीकानेरी |

         

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