मजा आ गया

साॅम ढलती गाई जाम चढता गया,
जाॅम पर जाॅम पीकर मजा आ गया।
बात फिर जब मौहब्बत कि चलने लगी,
बात मेरी सुने तो मजा आ गया।
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बात छेड़ा जो मैं अपने महबूब की,
बात सुनते ही सब को मजा आ गया।
जाॅम फिर से बनाया मेरे यार ने,
जाॅम पीते ही फिर से मजा आ गया।।
थोड़ा चखना भी था थोड़ी थी बीड़ियाॅ।
कश लगाते ही सब को मजा आ गया।।
साॅम ढलती गाई जाम चढता गया,……
……..जाॅम पर जाॅम पीकर मजा आ गया।
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याद आती रही वो हर एक पैग पर,
दिल जलाती रही वो हर एक पैग पर।
दिल मे धसती गई वो हर एक घूट पर,
फिर भी पीता रहाॅ और मजा आ गया।
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सब ने तौला गमो को गमो से मेरें,
सबसे ज्यादा जो निकला मजा आ गया।
बात सबने सुनी जब गमों की मेरे,
रो पड़े सब और मुझको मजा आ गया।।
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कितने शिद्दत से मैने रखा था छुपा,
“कागज दिल”पर जिसे मै बयाॅ कर दिया।
जाॅम पर जाॅम चढते गये फिर मेरे,
यारो को चार पर ही मजा आ गया।।
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जाॅम चढते गये बात खुलती गई,…..
……..फिर भी हॅसता रहा और मजा आ गया।।
साॅम ढलती गाई जाम चढता गया,…..
…….जाॅम पर जाॅम पीकर मजा आ गया।

         

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