मेघ मनुहार

मेघ मनुहार
बादल- बदली कर रहे शीर्ष गगन मनुहार
सजल नयन में ढूँढते, जन्म जन्म का प्यार।

क्षितिज पार अंबर ऊपर, धवल मेघ संसार
नयन नयन में हो रहा अभिव्यक्ति का संचार।

पल दो पल का साथ प्रिये,हम भू जल आधार
दोनों को ही है बरसना,हर प्राणी की है पुकार।

प्‍यार भरे मनुहार भरे,बस इसी पल पर अधिकार
खुद मिट प्राण दो औरों को,यही सृष्टि का है सार।

गीत मिलन भूलूँ नहीं, परिवेश बने यादगार
मधुमासी इस साथ में, करूँ मधुरस बौछार।

सजल नयन सजे नीर जो,हृदय बासंती बयार
झरने बन झर जाने दो,देखो नवल स्‍वप्‍न संसार।

स्‍मृतियों के कोलाहल में,सुरमई साँझ बन नार
बादल पी से मिलन को,छाया बदली हिया खुमार।

एक शाम पा लेने दो,मुझे मेघ मदन का प्यार
गीत लिखूँ नीलम अंबर,करूँ सतरंगी अभिसार।

नीलम शर्मा….✍

         

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