यादें

अस्क आॅखो से तेरे नही जाऐगे,चाहे जितनी भी कोशिस तू कर ले सनम।
जितने आॅशू बहाये है तूने मेरे,उस से ज्यादा बहाने पड़ेगे सनम।।

लाख कोशिस तू कर ले मगर इतना सुन,कोई सपना नही हूॅ हकीकत हूॅ मै।
शदियो लग जाऐगी फिर भी मुमकिन नही,भूल पाओगी ना इतनी जल्दी सनम।।

“कागज दिल”बन गया नाम जिस मे तेरा,धड़कनो की कलम साॅसो से थाम कर।
लिख लिया खून की श्याही ले कर सनम।।

बेवफाई का खंजर चला कर तूने,दिल को जख्मी किया कितना मत पूछ तू।
एक भी तुकड़ा दिल का नही पस मे,फिर भी जीता हुॅ मै मुस्कुरा कर सनम।

मुस्कुराना तो मेरी अदा बन गई,आशुओ को छुपा कर के महफिल मे भी।
देख ले ना कोई आशुओ को मेरे,इस लिये महफिलो मे भी हस लेते है।

रोना है जिन्दगी मे सदा के लिये,पर तड़पना तो तुझको भी पड़ जायेगा।
काट खायेगी तन्हाई एक दिन तुझे,याद आयेगे जब महफिल मे हम सनम।।

         

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