वो लड़का बहुत याद आता है

कभी मुझ को रुलाता
कभी मुझ को हँसाता
कितना सताता है।
वो लड़का बहुत याद आता है..2

कभी मुझ को मनाता
कभी खुद रूठ जाता
कभी सीने से लगाता
वो लड़का बहुत याद आता है।

कभी कुछ गुनगुनाता
कभी नगमे सुनाता
फिर जब मुस्कुराता
वो लड़का बहुत याद आता है

कभी बारिश में भीगता
कभी धूप में निकलता
कभी झूम कर नाचता
वो लड़का बहुत याद आता है।

कभी घण्टो बात करता
कभी पल में झगड़ता
कभी गले से लगता
वो लड़का बहुत याद आता है

कभी नींदो में जगाता
कभी लोरी सुनाता
कभी लब चुम जाता
वो लड़का बहुत याद आता है

कभी गलियों में बुलाये
कभी खुद मिलने आये
कभी छिप के सताये
वो लड़का बहुत याद आता है।

संध्या चतुर्वेदी
अहमदाबाद गुजरात

         

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