गीतकार गोपाल दास नीरज को समर्पित

गीतों की अद्भुत कहानी दे गए
आँखों में आँसू निशानी दे गए ।।

शब्द में ढ़ाला है खुद को इस तरह
खुश्बू घुलती है हवा में जिस तरह
गीत को अपनी जवानी दे गए,,,
*आँख में आंसू,,,,,,,,*

थी कठिन जीवन की राहें ये बड़ी
मुश्किलें मिलती रही थीं हर घड़ी
हौसला हमको तूफ़ानी दे गए,,,,
*आँख में आंसू,,,,,*

जब तलक ये चाँद-तारे हैं जवां
हर दिलों में *कारवाँ* होगा रवां
रंग यादों के सुहानी दे गए,,,,
*आँख में आँसू,,,,,,*

*स्वराक्षी स्वरा*
खगड़िया बिहार

         

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