पिया बिछड़न

सखी रे राति दिन मा नाहि बीतेला मोर
भरी-भरी आबे नयना में नोर कि सखी रे
पियबा गइले परदेशबा भोर-भोर कि सखी रे
जिया घबराबे मोरा खुब जोर कि सखी रे
राति दिन मा नाहि बीतेला मोर…

जबे जबे आबेला मोरा याद सजनवा
होखेला मनवा भारी ओउरे चित्त बेरंगा
कि सखी रे एको छणमा भेंटे नाहि रैन
कि सखी रे राति दिनमा…

दिने राति देखेंली औकरे सपनवा
का करी हमें सखी कछु सूझे नाहि हमका
कि सखी रे फोनबो नाहि लागेला मोर
कि सखी रे अब त गईले होखे दुई रोज
कि सखी रे राति दिनमा…

भगवान बना दी हमके सुगा मैना
उड़ी के ले ऑई हम पिया के खबरिया
कि सखी रे होई हमके तबे विश्वास
पिया पहुँचले परदेशबा सुख साथ
कि सखी रे राति दिनमा…

         

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