आत्म सम्मान

अपनी संस्कृति बोल,पाश्चत्य लम्पट डोल।
नकल करते पोल ,सम्मान बचाइये ।। 1

नर नारी काम चोर, राज नेता मुफ्त खोर ।
वोट बेच बन ढोर ,सम्मान डुबाइये ।।2

स्वप्न दर्शा चितचोर , नारा देके किया शोर ।
सत्ता धारी बना जोर ,सम्मान गिराइए ।।3

विश्व गुरू बने शोर , योग विद्या घनघोर ।
योग्य रोते कहाँ भोर , सम्मान बताईये ।।4
नवीन कुमार तिवारी,,,

         

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