एक ताल एक हाल

नैन
एक ताल,,,एक हाल,,,,

गेंसु लट मोह जाल,
नैनो संग नैन डाल।
रक्त आभा चंद्र भाल,
दिल छीनी मुख लाल।।१

उर ध्वनि संग ताल ,
मन मोह यही हाल।
हर पल देख भाल,
सङ्ग रहे यही ख्याल।।२

मोह चली यह नार,
कर रही नैन वार।
हर चुकी दिल यार,
मिल जाये यही सार।।३

हम तुम एक ताल ,
मिल जाये यही काल।
दुर नहीं कोई लाल,
दोनों रहे एक हाल।। ४
*नवीन कुमार तिवारी*

         

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