ग्रीष्म

*ग्रीष्म*
सुख चले ताल तरु,रूखे सूखे धरा मरु।
भुंज रहे झांझ शुरू , अभी गर्मी जानिये ।।

ग्रीष्म ऋतु आन शुरू , पानी देखि जान शुरू ।
कंठ भर प्यास शुरू ,गर्मी तप मानिये ।।

आम निम्बू लीची शुरू, तरबूज पक शुरू ।
खीरा ककड़ी खा शुरू,गर्मी अब पाइये ।।

स्वेद बून्द गिर शुरू, सर कान ढक शुरू ।
गर्म लपट लू शुरू ,गर्मी अब देखिये ।।
*नवीन कुमार तिवारी*

         

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