प्रजातंत्र

भारत देश महान , जीत देख रोजगार ।
भीख मांग कारोबार , *लोकतंत्र* देखिये ।।

राजनीति करे चाल , राज सत्ता से वाचाल ।
चाटुकार से सवाल , *जनतंत्र* जानिए ।।

अनपढ़ शिक्षा देते , अंगूठा लगा पढ़ाते ।
बोझ बस्ता का बढ़ाते , *भीड़ तंत्र* कहिये ।।

भ्रष्टतंत्र से लाचार , सत्ता पर है सवार ।
हिस्सा मिले वफादार , *प्रजातंत्र* मानिये ।।
नवीन कुमार तिवारी ,अथर्व✍

         

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