सीमा पर सिपाही

सीमा पर वक्त
सीमा प्रहरी खड़े से , वर्दी पहन अड़े से !
हाथ बन्दुक लिए से , वक्त कहाँ देखते !!

मोसम की वार देखो , ठण्ड गर्मी सार देखो !
बारिश की धार देखो , वक्त कहाँ रहते !!

परिवार दूर रहे , सखामीत कहाँ रहे !
सीमा पे चौकस रहे , वक्त कहाँ माँगते !!

सीने पर गोली खाते , असमय ये जागते !
देश की रक्षा करते , वक्त कहाँ जानते !!
नवीन कुमार तिवारी ,अथर्व

         

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