होली

रंग में रंगीन हुए,लाल हरा पीला लिए,
            सभी रंगोत्सव पर,मौज मनाने चले।
साथ में गुलाल लिए,हाथ में अबीर लिए,
              बसंती बयार संग,रंग उड़ाने चले।
प्रेमरस बहा कर,प्रेमियों ने स्नेह बल,
           प्रेम का पुजारी बन,यारी बनाने चले।
सुविचार मन भरा,अच्छा व्यवहार लिये,
             हुए सभी प्रेमयुक्त,गले लगाने चले॥
____________© रमेश कुमार सिंह ‘रुद्र’

         

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