आधार

बधाई संदेश दिये , कहिये क्या आधार ।
हमारी ख़ुशी देखिये , हंसी बिनआधार ।।

हर्ष अतिरेक दीखते , रहते मुख मुस्कान ।
फिजूल मस्ती देखिये , कितना ये शैतान ।।

मन देखो भरमा चला , मोहनी मन्त्र डाल ।
सबपर जादू चल गया , अन्ध भक्त से हाल ।।

हाल देख बेहाल से , डूबते मंझधार ।
साथ कबका छूट गया , निकले आंसू धार ।।

सखा मीत दोस्त बनते , रहता क्या आधार ।
प्रेम प्याला टूट गया , रोते बेआधार ।।
*नवीन कुमार तिवारी*

         

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