कुछ दोहे -दिल की बात

*दोहे*

*(1)* जो थामे न हाथ सदा,उनसे रहना दूर
देखो दिल की बात में, मत होना मगरूर ।।

*(2)* गर मेरा मरना सनम,हुआ तुम्हें मंजूर
तेरी दुनियाँ से अभी ,हो जाते हैं दूर ।।

*(3)* ये फरवरी हर बार हि, जाती है दिल तोड़
ऊबस गए हम दर्द से,अब तो पीछा छोड़ ।।

*(4)* ऐसी-कूलर है,लगा,फिर भी गर्मी खूब
जंगल जंगल कट गया,बची न एक भी दूब ।।

*(5)* अनुशासन तो नींव है,जीवन का आधार
बिन इसके बेकार सब,ममता मिले न प्यार ।।

*(6)* बात बढ़ाई आपने,कैसे कर दूँ माफ
गर मंजिल चाहो स्वरा,नियत रखा कर साफ़ ।।

*(7)* सह ना पाओगे सनम, नज़रों के ये तीर
जाओ रास्ता नाप लो,क्यों बनते हो वीर ।।

*(8)* बढ़िया बढ़िया मत करो,आगे आओ आप
ताली नहीं बजी अगर, लग जाऐगा पाप ।।

*(9)* मरनी पर नेता यहाँ,मना रहें हैं सोग
बाहर बैठे निर्जला,भीतर छप्पन भोग ।।

*(10)* जीवन धन अनमोल है,मत करना बर बाद
प्रेम-दया की शक्ति से,रखो सदा आबाद ।।

*स्वराक्षी स्वरा*

         

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