गरिमा

भावना संग खेलते, लूटमार सौगात।
खो जाते तभी गरिमा , कर गये वारदात ।।

चिकित्सक बने सोचते , करते जन कल्याण।
मरीज दीखते बकरा , हर लेते जी प्राण ।।
नवीन कुमार तिवारी

         

Share: