धरती पर चहुँओर ।

अम्बर में छायी घटा , अन्धकार घन घोर ।
त्राहि त्राहि है मच रही ,धरती पर चहुँओर ।।
घूम घूम अलि गा रहा ,प्यारा मधुरिम गीत ।
फूलों से कर दोस्ती , बन गया उनका मीत ।।
काजल देता है सदा ,निज नैनों को चैन ।
जीवन को सुख होत है ,मीठे बोलो बैन ।।

         

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