आगमन

प्रकृति रंग बदल रही
उष्णता के रूप में
छाँव अच्छी लगने लगी
अपने हर स्वरूप में
परिपक्वता की
दहलीज पर खड़ी फसलें
उगते सूरज सी हो गईं है सुनहरी
नव वर्ष संग आगमन माँ का
“माँ” का रूप है मनोहरी…..
“जय माता दी”

         

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