” जिन्दगी “

” जिन्दगी ”

जिन्दगी रहस्यो से भरी है
जिन्दगी कांटो से घिरी है
देखो समझो और पहचानो
जिन्दगी विश्वासो से हरी है ।

——–@जय प्रकाश निराला

         

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