धरती की ईश्वर -माँ

पुष्प खिलकर के उर में, इक संसार बसाती है
संस्कार मय संस्कृती का, हमको सार बताती है
धरती पर रहती हर माता ईश्वर तुल्य जगत में है
वीरानी सी दीवारो को ये ही घर- बार बनाती है

ऋषभ तोमर

         

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