फ़लसफ़ा बदलो

बदलो मौसम ज़रा फिज़ा बदलो।
जिन्दगी का ये फलसफा़ बदलो।
पर न छोड़ो हया का ये आँचल,
ढ़ंग जीने का ये नया बदलो।
—-राजश्री—-

         

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