जला कर प्रेम दीपक

मैं किस्मत आजमाना चाहती हूं।
तुझे अपना बनाना चाहती हूं।
जलाकर प्रेम का दीपक जहां में,
गज़ल एक गुनगुनाना चाहती हूं।
——-राजश्री——

         

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