कोटि कोटि नमन वंदन देश,

सबसे बढ़कर देश मेरा, तिरंगा परचम,उर लहर उमंग
स्वतंत्रता दिवस, पावन सुदिन सब रंगे बसंती रंग।
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है कोटि कोटि नमन वंदन देश,पूजन अर्चन अभिनन्दन देश।
विश्व गुरु भारत सर्वश्रेष्ठ
है विजय तिलक का चंदन देश।
अद्वितीय अनूप अतुल्य है
“सर्व धर्म हिताय” का समावेश।
गाय-वसुधा को, हम कहते माँ
भाई चारे का देते संदेश।
है कोटि कोटि नमन वंदन देश पूजन अर्चन अभिनन्दन देश
माना अलग हैं भाषाएँ
भिन्न जाति भिन्न हैं भूषा -भेष।
है यही श्वास, बहे नस -नस में
हम सब का हृदय स्पंदन देश।
साये से साथ एक दूजे के हम
सुख दुख या फिर क्रंदन देश।
है कोटि कोटि नमन वंदन देश पूजन अर्चन अभिनन्दन देश
है तपोभूमी मेरे भारत की
संस्कारों से सजता परिवेश।
स्वयं विष्णु ले अवतार यहाँ
गीता का देते हैं उपदेश।
यहाँ नारी सीता-दुर्गा हैं
अवतार धरे नित विष्णु महेश।
है कोटि कोटि नमन वंदन देश पूजन अर्चन अभिनन्दन देश
प्राचीर से लालकिले की सुनो
देते मोदी जी सुंदर सन्देश।
भारत करता विकास सुनो
काटूँगा सारे कष्ट क्लेश।
सुन कर्म से भाग्य बदलते यहाँ
कर्मठता का बढ़े भाव हमेश।
है कोटि कोटि नमन वंदन देश पूजन अर्चन अभिनन्दन देश
नव पुष्प खिले नन्दन -वन देश
हैं दुआएँ यही असीम अशेष।
है हिमालय शीर्ष ताज इसका
नीलम नद धारा है सुंदर केश।
शुद्ध अन्न- जल मिले हर प्राणी को
प्रदूषण कहीं भी रहे न शेष।
है कोटि कोटि नमन वंदन देश पूजन अर्चन अभिनन्दन देश
नीलम शर्मा….✍️

         

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