जय भारतीय – दोहे

वीरों की शहादत पर , राजनीति की चाल।
कश्मीर को बना रखा ,रक्त पिशाचक लाल ।।

अस्तीन सांप पालता , रखता झुकाय भाल।
सत्ता कुर्सी जब तौलता , मरवा देता लाल ।।

गद्दारो की कायरता , कुर्सी बचा कर पाल।
सत्ता कुर्सी अब भूल जा,उतार उसका खाल ।।

लातों के भूत रहते , मारो जूता चार ।
दुश्मन पर प्रहार करें,करिये सीमा पार ।।

नवीन कुमार तिवारी ,,

         

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