हमारा वतन

ये वतन है हमारा वतन।
हम सभी हैं इसी के सुमन।

आंच इस पर ना आये कभी
मुस्कुराता रहे ये चमन।

जान इस पर लुटा देंगे हम
है वतन के लिए जानों तन।

सब से ऊंचा तिरंगा रहे
चूमता ही रहे ये गगन।

ये दुआ आज करती हूं मैं।
हर तरफ हो अमन‌ ही अमन।

ये वतन है हमारा वतन।
हम सभी हैं इसी के सुमन।
©अंशु

         

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